Raja Jai Chandra Biography in Hindi | राजा जयचंद्र जीवन परिचय

गाहड़वाल वंश के अंतिम शक्तिशाली राजा, जयचंद्र राठौड़ उत्तर भारत के गाहड़वाल वंश के एक राजा थे। जयचंद्र, गाहड़वाल राजपूत राजा विजयचंद्र के पुत्र थे। उनका शासन काल 1170 से 1194 तक माना जाता है। पृथ्वीराज रासो के अनुसार ,जयचंद्र ने ग़ोरी को कई बार हराया। चलिए जानते हैं जयचंद कौन थे, इनका इतिहास, जन्म, युद्ध, मृत्यु, शासनकाल आदि से जुड़ी हुई सभी जानकारी। 


राजा जयचंद कौन थे (Raja Jai Chandra Kaun Tha)

उत्तर भारत राजा जयचंद गढ़वाल वंस के एक राजा थे। उनके पिता का नाम विजय चंद्र था और इन के दादा का नाम गोविंद चंद्र था। राजा जयचंद 1170 ईस्वी  से 1194 ईस्वी तक राजा रहे । राजा जयचंद के पिता ने अपने पुत्र जयचंद्र को कन्नौज का राज काल सौंप दिया था। राजा जयचंद के दो बच्चे थे बेटा हरिश्चंद्र और बेटी संयोगिता। 

 

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राजा जयचंद और पृथ्वीराज चौहान के बीच मतभेद का कारण (Raja Jai Chandra vs Prithviraj Chauhan)

पृथ्वीराज चौहान एक महान और शक्तिसाली राजा थे जो तेजी से अपने साम्राज्य को बढ़ा रहे थे संयोगिता ने जब उनके बारे में सुना तो मन ही मन उनसे प्रेम कर बैठी। राजा जयचंद, पृथ्वीराज चौहान और संयोगिता के प्रेम के सख्त खिलाफ थे इसलिए पृथ्वीराज चौहान संयोगिता को अपने घोड़े पर बैठा कर भगा लेते हैं। 

पृथ्वीराज की इस हरकत के बाद राजा जयचंद उनके खिलाफ युद्ध का ऐलान कर दिया। दोनों के बीच कई बार युद्ध हुआ लेकिन हर बार राजा जयचंद को हार का सामना करना पड़ा। भगा कर शादी करने की वजह से दोनों राजाओं के बीच में मतभेद बहुत अधिक बढ़ गया।

जयचंद पृथ्वीराज चौहान से बदला लेना चाहते थे।  इसी वजह से वह पृथ्वीराज चौहान के सबसे बड़े दुश्मन मोहम्मद गौरी से जा मिले। क्योकि मोहम्मद गौरी पृथ्वीराज चौहान का सबसे बड़ा दुश्मन था राजा पृथ्वीराज ने मोहम्मद गौरी को लगातार 13 बार युद्ध में हराया था और वह उन्हें हर बार माफी कर देते थे। 

जयचंद अपमान की आग में झुलस रहे थे इसलिए मोहमद घोरी से हाथ मिला लिए क्योकि दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है और दोनों का मकसद एक ही था पृथ्वीराज चौहान को हराकर उनका राज्य हासिल करना।

राजा जयचंद ने मोहम्मद गौरी को पृथ्वीराज चौहान के खिलाफ युद्ध के लिए न्योता दिया और अपना सैन्य बल देने का भी वादा किया। जब यह बात राजा पृथ्वीराज को पता चली तो उन्होंने अन्य राजपूत राजाओं से मदद मांगी लेकिन किसी ने भी उनका साथ नहीं दिया।

पृथ्वीराज चौहान के पास 300000 सैनिक थे जबकि मोहम्मद गौरी के पास केवल 120000 ही थे। अतः 1192 में तराइन का दूसरा युद्ध हुआ। इस युद्ध में पृथ्वीराज चौहान की हार हुई और उन्हें बंदी बना लिया गया। जिसके बाद मोहम्मद गौरी ने कुतुबुद्दीन को भारत का शासक नियुक्त कर दिया। 


राजा जयचंद को मोहम्मद गौरी का साथ देना पड़ा भारी (Raja Jai Chandra and Mohammad Gauri)

मोहम्मद गौरी पृथ्वीराज चौहान को हराने के बाद अपने साथी जयचंद को ही निशाना बनाया। अब मोहम्मद गौरी ने कन्नौज पर आक्रमण कर दिया इसमें दोनों के बीच युद्ध हुआ। युद्ध में राजा जयचंद की तीर लगने की वजह से उनकी मृत्यु हो गई। इसीलिए राजा जयचंद को गद्दार कहा जाता है क्योंकि उनकी वजह से पृथ्वीराज चौहान को हार का सामना करना पड़ा था। 


लेकिन इतिहासकरो के अनुसार, राजा जयचंद ने मोहम्मद गौरी को भारत पर आक्रमण करने के लिए बुलावा भेजा था,  इस बात का कोई भी प्रमाण नहीं हैं। एक इतिहासकार के अनुसार संयोगिता राजा जयचंद की पुत्री ही नहीं थी। और न ही पृथ्वीराज और सयोंगिता प्रेमी थे। तो यही कैसे साबित होता है कि राजा जयचंद गद्दार थे। इनमे अलग अलग इतिहासकारो के अलग अलग मत है। 


पृथ्वीराज  मूवी (Prithviraj Movie)

फिल्म पृथ्वीराज चौहान जनवरी 2022 में रिलीज़ होगी। फिल्में में आशुतोष राणा ने जयचंद्र के किरदार को निभाया  है।

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