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जरूर पढ़े ये है कमजोर दिल के 8 लक्षण ‌‌(Heart Attack Symptoms)

आधुनिक दुनिया में हम सभी लोग अपनी हेल्थ के प्रति काफी लापरवाह हो चुके हैं। आजकल दिल की बीमारी भी काफी कॉमन हो चुकी है। ‌‌‌पहले दिल की बीमारी सिर्फ बुजुर्ग लोगों के अंदर देखने को ही नहीं मिलती थी लेकिन आजकल ऐसा नहीं है। आजकल हर घर के अंदर दिल का मरीज बहुत ही आसानी से मिल जाता है।

दिल की बीमारी (dil ki bimari) एक उम्र के बाद होती है। जो इंसान अधिक बूढे होते हैं उनको हर्ट की बीमारी (heart ki bimari) अधिक होती है। लेकिन अब ऐसा कुछ भी नहीं रहा है। जवान लोग भी हर्ट अटैक से मर रहे हैं। इसके लिए बहुत हद तक गलत प्रकार के खान पान भी है। कार्डियोमायोपैथी दिल की मांसपेशियों का रोग है जिसकी वजह से शरीर की मांसपेशियों तक खून नहीं पहुंच पाता है। इसको आम भाषा के अंदर दिल की कमजोरी के नाम से जाना जाता है।

जब धमनियों के अंदर रक्त प्रवाह ठीक तरह से नहीं हो पाता है इसकी वजह से यह समस्या होती है। यदि आपको दिल कमजोर होने के लक्षणों के बारे मे ठीक से पता है तो आप पहले ही इसका उपचार करवा सकते हैं जिससे कि आपकी समस्या ‌‌‌ ठीक हो जाएगी। लेकिन इसके लिए आपको दिल कमजोर के लक्षणों के बारे मे पता होना चाहिए ।

अब आप सोच रहे होंगे की दिल की कमजोरी के क्या क्या  लक्षण होते हैं तो हम आपको बताने वाले हैं कि दिल की कमजोरी के लक्षण (Kamjor dil ke lakshan) बहुत ही आसानी से पहचान सकते हैं और समय पर अपना इलाज करवा सकते हैं। 

1.लगातार मतली, सीने में जलन होना 

मतली और सीने के अंदर जलन होना हर्ट अटैक के लक्षण (heart attack ke lakshan) हो सकते हैं। सीने में जलन के साथ दर्द, मुंह का कड़वा स्वाद, लेटने पर दर्द बढ़ना, चटपटा खाने के बाद गले तक जलन बढ़ना हार्टबर्न के प्रमुख लक्षण होते हैं वैसे हर्ट बर्न के साथ ही आपको मतली की समस्या हो रही है तो आपको जल्दी से जल्दी डॉक्टर सें संपर्क करना चाहिए ।

2.सांस लेने में तकलीफ (Shortness of Breath)

यदि आपको सांस लेने मे तकलीफ होती है तो यह दिल के कमजोर होने का लक्षण हो सकता है। सांस की कमी  एथेरोस्क्लेरोसिस, दिल की धमनी का रोग, कंजेस्टिव हार्ट फेलियर और हार्ट वाल्व डिजीज आदि की वजह से ऐसा हो सकता है। इसके ‌‌‌ लिए आपको एक बार अपने डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए और आपका डॉक्टर आपको जो निर्देश देता है आपको उसका पालन करना चाहिए यही आपके लिए सही होगा ।

पैरों में सूजन- पैरों में, टखनों में सूजन और तलवों में सूजन आने का कारण दिल की बीमारी से जुड़ा हुआ भी हो सकता है. कई बार हार्ट में ब्लड का सर्कुलेशन ठीक तरह से ना होने की वजह से पैरों में, टखनों में सूजन और तलवों में सूजन आ जाती है.

3. खर्राटे और नींद से जुड़ी समस्या

सांस में रुकावट या सांस लेने में तकलीफ के कारण अक्सर सोते समय खर्राटे आने लगते हैं, जिसका असर आपके दिल पर भी होता है. खर्राटे के ससस्यासीधे तौर पर दिल की सेहत से जुड़ी है. कई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दिल की कमजोरी में भी आपको खर्राटों की समस्या हो सकती है. ऐसे में लगातार खर्राटे और नींद से जुड़ी समस्याओं के लक्षण दिखने पर आपको अपने दिल के सेहत की जांच जरूर करनी चाहिए.

4.बेचैनी और छाती में दबाव महसूस होना

छाती के अंदर दबाव महसूस हो रहा है और बैचेनी सी हो रही है तो यह दिल के कमजोर होने के लक्षण हो सकते हैं हालांकि छाती के अंदर महसूस होने वाला दबाव फेफड़ों मे जमे कफ की वजह से भी हो सकता है। यदि आपकी छाती के अंदर दबाव महसूस हो रहा है तो सबसे पहले एक्सरे करवा कर डॉक्टर को दिखाएं। 

5. थकावट महसूस होना

थकावट का महसूस होना भी दिल की कमजोरी का एक लक्षण हो सकता है। यदि आपको थकावट महसूस हो रही है तो यह दिल की कमजोरी का लक्षण हो सकता है क्योंकि जब दिल शरीर के अंदर सही तरह से रक्त को पंप नहीं कर पाता है ‌‌‌ है तो उसके बाद आप काफी कमजोरी महसूस कर सकते हैं।

6. हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure)

दिल की कमजोरी में आपका ब्लड प्रेशर भी अनियंत्रित हो जाता है. हाई ब्लड प्रेशर के कारण हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर की परेशानी अधिक होती है. ऐसे में बीपी की परेशानी वालों को इसको रोज चेक करना चाहिए.

7. हाई कोलेस्ट्रॉल

कोलेस्ट्रॉल शरीर की हर कोशिका में पाया जाने वाला वसा जैसा पदार्थ है. अधिक मात्रा में बनने पर यह ब्लड में कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा देता है और रक्त नलिकाओं में जमा हो जाता है. इससे दिल की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है. नियमित रूप से कोलेस्ट्रॉल के लेवल की जांच करवाएं. अपनी डाइट में साबुत अनाज, हरी सब्जियां और फलों को शामिल करें। 

8. बहुत ज़्यादा पसीना आना

बिना किसी वर्कआउट और काम के ज्यादा पसीना आना दिल की बीमारी का संकेत हो सकता है. जब हृदय रक्त को ठीक से पंप करने में असमर्थ होता है तो बिना किसी कारण के बहुत ज्यादा पसीना आता है. अगर आपके माता-पिता में यह लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो बिना लापरवाही बरते डॉक्टर की सलाह लें। 

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